
मेहनत आपकी पैसा भी आपका
Tax कैसे बचाएं Beginners के लिए 2025 की Best Tax Saving Guide
Tax सेविंग क्यों ज़रूरी है सैलरी क्लास को सबसे ज़्यादा असर क्यों पड़ता है
Tax कैसे बचाएं Beginners Guide 80C के अलावा ये 5 तरीके भी आएंगे काम
दोस्तों, साल का वो समय फिर आ गया है. जब ‘सैलरी’ शब्द से ज़्यादा फॉर्म-16 और Tax डिडक्शन’ शब्द सुनाई देते हैं आपकी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा टैक्स जब कट कर चला जाता है, तो दिल में एक टीस सी उठती है, है न
लेकिन रुकिए! क्या आप जानते हैं Tax कैसे बचाएं सरकार ने अब आपको Tax भरने के दो रास्ते दिए हैं? और सही रास्ता चुनना आपको हज़ारों रुपये बचा सकता है।
पहला रास्ता है ‘New Tax Regime’ जो अब डिफ़ॉल्ट विकल्प है। इसमें टैक्स रेट कम हैं और ₹7 लाख तक की कमाई पर कोई Tax नहीं लगता। लेकिन इसमें आप 80C, HRA जैसी ज़्यादातर कटौतियों का फायदा नहीं उठा सकते।
दूसरा रास्ता है ‘Old Tax Regime’, जिसे आपको चुनना पड़ता है। इसमें Tax रेट ज़्यादा हैं, लेकिन यह आपको अपनी बचत और खर्चों (जैसे होम लोन, बीमा, बच्चों की फीस) पर टैक्स छूट लेने की पूरी आज़ादी देता है।
तो यह गाइड किसके लिए है?
यह गाइड उन स्मार्ट टैक्सपेयर्स के लिए है जो Old Tax Regime को चुनकर अपनी Tax देनदारी को कम से ज़्यादा कम करना चाहते हैं। अगर आपके पास कई निवेश और खर्चे हैं, तो यह रास्ता आपके लिए सोने की खान साबित हो सकता है।
हम सब Tax बचाने के लिए सबसे पहले सेक्शन 80C (₹1.5 लाख की छूट) का दरवाजा खटखटाते हैं। लेकिन क्या हो जब आपकी यह लिमिट पूरी हो जाए?
The Market Trend की इस एक्सक्लूसिव गाइड में आज हम आपको टैक्स बचाने के उन 5 ब्रह्मास्त्रों के बारे में बताएंगे जो 80C के बाद काम आते हैं और आपकी टैक्स-बचत को सुपरचार्ज कर देते हैं!
80C सुपरस्टार लेकिन अकेला
इससे पहले कि हम आगे बढ़ें, 80C को सलाम करना तो बनता है। यह Tax बचाने का सबसे लोकप्रिय सेक्शन है। इसमें आप जीवन बीमा, बच्चों की ट्यूशन फीस, EPF, PPF, ELSS म्यूचुअल फंड और होम लोन के मूलधन जैसी कई चीजों पर ₹500000 तक की छूट पा सकते हैं। ज़्यादातर लोगों का EPF/PF और बच्चों की फीस मिलाकर ही यह लिमिट लगभग पूरी हो जाती है।
समस्या यह है कि यह सिर्फ एक खिलाड़ी है। और एक खिलाड़ी पूरी टीम को नहीं जिता सकता। असली जीत के लिए आपको दूसरे खिलाड़ियों की भी ज़रूरत पड़ेगी। तो चलिए, मिलते हैं हमारी टैक्स-बचाऊ ड्रीम टीम के बाकी 5 सदस्यों से!
ब्रह्मास्त्र 1 NPS में एक्स्ट्रा ₹50,000 की छूट सेक्शन 80CCD 1B

अगर 80C एक सेविंग्स अकाउंट है, तो NPS National Pension System आपका पर्सनल रिटायरमेंट वाला गुल्लक है, जिसे सरकार ने बनाया है। और सरकार इस गुल्लक में पैसे डालने पर आपको एक शानदार इनाम देती है
80C की ₹1.5 लाख की लिमिट के ऊपर और अलावा, आप NPS में ₹50,000 का अतिरिक्त निवेश करके अपनी टैक्सेबल इनकम को और कम कर सकते हैं यह एक सीधी और साफ छूट है
- यह क्या है यह एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है जिसमें आपका पैसा इक्विटी (शेयर) और डेब्ट (सरकारी बॉन्ड) में लगाया जाता है। 60 साल की उम्र में आपको एक बड़ी रकम मिलती है और बाकी की रकम से पेंशन शुरू हो जाती है।
- टैक्स का फायदा सेक्शन 80CCD(1B) के तहत आप ₹50,000 का एक्स्ट्रा डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। अगर आप 30% टैक्स स्लैब में हैं, तो यह सीधा-सीधा आपके ₹15,000 बचाता है
- कौन कर सकता है कोई भी भारतीय नागरिक salaried या self-employed इसमें निवेश कर सकता है
NPS अकाउंट आपके बैंक या किसी ब्रोकर के माध्यम से खुल सकता है
आप यहाँ क्लिक करके अपना डीमैट और NPS अकाउंट आसानी से खोल सकते हैं
ब्रह्मास्त्र 2 हेल्थ इंश्योरेंस सेहत भी बचत भी सेक्शन 80D

यह एक ऐसा निवेश है जो आपको टैक्स बचाने के साथ-साथ भगवान न करे किसी मेडिकल इमरजेंसी में लाखों रुपये के बिल से भी बचाता है सरकार आपको खुद का और अपने परिवार का स्वास्थ्य बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित करती है और इसके प्रीमियम पर टैक्स छूट देती है।
यह छूट भी 80C के अलावा है!
- खुद, पति/पत्नी और बच्चों के लिए आप ₹25,000 तक के प्रीमियम पर टैक्स छूट ले सकते हैं
- माता-पिता के लिए: अगर आप अपने माता-पिता के लिए भी प्रीमियम भरते हैं तो आपको ₹25,000 की अतिरिक्त छूट मिलती है
- अगर माता-पिता सीनियर सिटिज़न हैं (60+ साल) तो यह छूट बढ़कर ₹50,000 हो जाती है
इसका मतलब आप खुद और सीनियर सिटिज़न माता-पिता का प्रीमियम भरकर कुल ₹75,000 (₹25,000 + ₹50,000) तक की छूट पा सकते हैं
ब्रह्मास्त्र 3 HRA आपके किराये का इनाम सेक्शन 10 13A

अगर आप किराये के मकान में रहते हैं और आपकी सैलरी में HRA House Rent Allowance का कॉम्पोनेंट है तो यह आपके लिए जैकपॉट हो सकता है। आप अपने द्वारा दिए गए किराये पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। बहुत से लोग या तो इसे क्लेम नहीं करते या फिर इसका सही कैलकुलेशन नहीं जानते
आपको इन तीन में से जो भी रकम सबसे कम होगी, उसकी छूट मिलेगी
- आपको कंपनी से असल में मिला हुआ HRA।
- आपकी बेसिक सैलरी का 50% (अगर आप मेट्रो शहर – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में रहते हैं) या 40% (अगर किसी और शहर में रहते हैं)।
- आपके द्वारा चुकाया गया कुल किराया जिसमें से आपकी बेसिक सैलरी का 10% घटा दिया गया हो।
यह कैलकुलेशन थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन कई ऑनलाइन HRA कैलकुलेटर आसानी से आपका काम कर सकते हैं। अगर आप साल का ₹2-3 लाख किराया भी देते हैं तो यह आपकी काफी टैक्स बचा सकता है
ब्रह्मास्त्र 4 LTA घूमने जाइए और टैक्स बचाइए सेक्शन 10 5

जी हाँ, आपने सही पढ़ा! सरकार आपको देश में घूमने-फिरने के लिए भी टैक्स में राहत देती है। अगर आपकी सैलरी में LTA (Leave Travel Allowance) का कॉम्पोनेंट है तो आप 4 साल के ब्लॉक में 2 बार यात्रा के खर्च पर टैक्स छूट ले सकते हैं
- किस पर मिलती है छूट यह छूट सिर्फ यात्रा के किराये (ट्रेन, हवाई जहाज या बस) पर मिलती है। होटल, खाने-पीने या शॉपिंग के खर्च पर नहीं
- कौन-कौन जा सकता है आप, आपका जीवनसाथी, आपके बच्चे और आप पर आश्रित माता-पिता या भाई-बहन।
- कहाँ जा सकते हैं सिर्फ भारत के अंदर की यात्रा पर ही यह छूट लागू होती है
तो अगली बार जब आप छुट्टियों का प्लान बनाएं, तो अपनी कंपनी की LTA पॉलिसी ज़रूर चेक कर लें
ब्रह्मास्त्र 5 स्टैंडर्ड डिडक्शन बिना कुछ किए ₹50,000 की छूट
यह हमारी टीम का सबसे शांत खिलाड़ी है। इसके लिए आपको कोई निवेश या खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। यह हर salaried व्यक्ति को मिलने वाली एक फ्लैट छूट है।
सरकार मानती है कि नौकरी पर आने-जाने और अन्य छोटे-मोटे खर्चों के लिए आपको कुछ राहत मिलनी चाहिए। इसलिए, आपकी कुल सैलरी से सीधे-सीधे ₹50,000 कम कर दिए जाते हैं और उसके बाद टैक्स की गणना होती है। आपको इसके लिए कोई सबूत या बिल नहीं देना होता। यह ऑटोमेटिक है!
सब कुछ एक नज़र में Summary Table
ब्रह्मास्त्र का नाम | सेक्शन | अधिकतम छूट (लगभग) |
NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) | 80CCD(1B) | ₹50,000 (80C के अलावा) |
हेल्थ इंश्योरेंस | 80D | ₹25,000 से ₹1,00,000 तक |
HRA (हाउस रेंट अलाउंस) | 10(13A) | आपके किराये और सैलरी पर निर्भर |
LTA (लीव ट्रैवल अलाउंस) | 10(5) | वास्तविक यात्रा खर्च पर |
स्टैंडर्ड डिडक्शन | 16(ia) | ₹50,000 (फ्लैट) |
अस्वीकरण Disclaimer यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। टैक्स के नियम बदल सकते हैं और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले कृपया एक योग्य चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) या वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
निष्कर्ष टैक्स बचाना रॉकेट साइंस नहीं, स्मार्ट प्लानिंग है
तो दोस्तों, अब आप देख सकते हैं कि 80C ही सब कुछ नहीं है। आपके तरकश में और भी कई तीर हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अपनी मेहनत की कमाई को बचा सकते हैं।
टैक्स प्लानिंग साल के आखिर में की जाने वाली हड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह साल की शुरुआत से की जाने वाली एक समझदारी भरी आदत है। अपनी सैलरी स्लिप को ध्यान से देखें, इन तरीकों को समझें और आज से ही अपनी बचत की योजना बनाएं